नववर्ष का आगाज - जश्न ए शराब व् शबाब


31 दिसंबर की रात्रि के 8 बज चुके है. इस समय युवा तो युवा लगभग सभी उम्र के लोग नववर्ष को अपने-अपने तरीके से मना रहे है. आज ग्रहण है तो कोई पूजा-पाठ में लगा लगा है तो कोई टीवी पर कार्यक्रम देख नववर्ष आने का इंतजार कर रहा है. ऐसा मैं इस लिए लिख रहा हूँ की मैं भी आज शाम से मेरे हिसार शहर का चक्कर काट कर आया हूँ. नववर्ष के उपलक्ष में नगर में जीतने कार्यक्रम होने थे वहा से लेकर होटलों, बार और रेस्टोरंट के चक्कर लगाने के बाद मुझे अहसास हुआ की लोग किस कदर नववर्ष के जश्न में मशगूल है. निजी पारिवारिक कार्यक्रम में जहा विभिन्न डांस ट्रूप के माध्यम से लोग नए साल के जश्न में मदहोश
थे वही बार युवाओ से लेकर सभ्य आदमी से खचाखच भरा था. तो रेस्टोरेंट में ऐसा लग रहा था की आज जैसे लोगो के घरो में खाना ही नहीं बना हो. जबकि ठण्ड और नए साल के बावजूद होटलों के कमरे बुक थे. अब वो किस लिए बुक थे आप भी समझदार हो. जबकि हिसार के सहायक पुलिस अधीक्षक पहले ही एलान कर चुके है की नववर्ष को लेकर किसी तरह की अपराधिक, शरारती और लापरवाही युक्त कार्यवाही को सहन नहीं किया जायेगा. साथ ही साथ अगर कही से बार गर्ल व् वेश्यावृति की कोई शिकायत आती है तो तुरंत कार्यवाही की जाएगी. जबकि हम सभी जानते है की बावजूद इसके भारतीय परम्परा को दरकिनार कर विक्रमी संवत को भूल हर भारतवाशी किस तरह से 1 जनवरी को आने वाले नववर्ष का कितनी भव्यता से स्वागत करता है.

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1 आपकी गुफ्तगू:

संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari said...

आपको नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाये.
सुख आये जन के जीवन मे यत्न विधायक हो
सब के हित मे बन्धु! वर्ष यह मंगलदयक हो.

(अजीत जोगी की कविता के अंश)

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