आज सुबह से ही दोस्तों और परिचितों के एसएम्एस आने लगे थे. हर रोज की तरह कोई अच्छे दिन की बधाई दे रहा था तो कोई गुड मोर्निंग विश कर रहा था. कुछ मित्रो ने नवरात्रे की भी बधाई दी तो लगा की चलो किसी युवा को तो नवरात्र के बारे में ज्ञान है. घर में नवरात्र की पूजा होनी थी तो जल्दी उठाना था. मैं आज प्रतिदिन से लगभग एक घंटा जल्दी तैयार हो गया था. कार्यालय पहुँचते-पहुँचते 10 बज चुके थे और तब तक मेरे पास पांच से छः एसएम्एस आ चुके थे. जैसा की मैंने ऊपर बताया की हर प्रकार के एसएम्एस थे लेकिन यह देख बड़ा दुःख हुआ की किसी ने भी मुझे हर वर्ष की भांति नववर्ष की मुबारकबाद नहीं दी.
तभी मुझे याद आया की आज का युवा विक्रमी संवत को कैसे याद रख सकता है क्योंकि उसको तो डे मनाने की आदत जो लग गई है. आज वो बर्थ डे, क्रिसमस डे, न्यू ईयर, वेलनटाइन डे सहित मदर्स डे जैसे त्यौहार ही
तभी मुझे याद आया की आज का युवा विक्रमी संवत को कैसे याद रख सकता है क्योंकि उसको तो डे मनाने की आदत जो लग गई है. आज वो बर्थ डे, क्रिसमस डे, न्यू ईयर, वेलनटाइन डे सहित मदर्स डे जैसे त्यौहार ही
































